परीक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी पूरी तरह विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी: डॉ. धन सिंह

देहरादून। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में परीक्षा प्रबंधन की संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालयों को एक मजबूत एवं विश्वसनीय तंत्र विकसित करना होगा। भविष्य में परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कुलपति, कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा स्थित सभाकक्ष में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित बनाने के लिए अनिवार्य रूप से ’’शैक्षणिक कैलेंडर’’ लागू किया जाए। साथ ही शिक्षकों के कौशल विकास और नवीन तकनीकों से उन्हें अपडेट रखने के लिए प्रत्येक संस्थान में ’’फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) कैलेंडर’’ भी लागू किया जाए, ताकि शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में नियमित प्रशिक्षण मिल सके।
बैठक के दौरान डॉ. रावत ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में ’’480 गेस्ट फैकल्टी’’ की नियुक्ति का प्रस्ताव एक माह से शासन स्तर पर लंबित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि नियुक्ति प्रक्रिया में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे पठन-पाठन प्रभावित न हो। इसके साथ ही तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को शीघ्र भरने के भी निर्देश दिए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने राजकीय पॉलिटेक्निक एवं विभिन्न प्रौद्योगिकी संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों की संस्थानवार समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधूरे निर्माण कार्यों का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है, इसलिए सभी परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। बैठक में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज सहित गोपेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, पंतनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़, पौड़ी और अल्मोड़ा के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के निदेशक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, रिक्त पदों, निर्माण कार्यों और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।