शंकराचार्य ने गौ संरक्षण पर सरकार से की ठोस कदम उठाने की मांग

देहरादून/कानपुर। गोप्रतिष्ठा (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत आयोजित जनसभा में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण और गौ सेवा के महत्व पर जोर देते हुए सरकार से गौ माता को विशेष दर्जा देने तथा गौ हत्या रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 100 से अधिक विधानसभाओं में लाखों लोगों से संवाद के दौरान अधिकांश लोगों ने गौ को माता माना है, इसलिए जनभावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ केवल पशु नहीं, बल्कि आस्था, समृद्धि और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। भगवान राम के रघुवंश का उदाहरण देते हुए उन्होंने गौ सेवा को भारतीय परंपरा की आधारशिला बताया। शंकराचार्य ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 48 में भी गौ संरक्षण का उल्लेख है और सरकारों को इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।
सभा में उपस्थित लोगों ने गौ संरक्षण के समर्थन में संकल्प लिया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस दौरान बिठूर विधानसभा क्षेत्र में गौधाम निर्माण और जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा भी की गई। शंकराचार्य ने कहा कि 24 जुलाई को लखनऊ में यात्रा के अगले चरण की रूपरेखा घोषित की जाएगी, यदि मांगों पर ठोस प्रगति नहीं होती है।