सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में है संत समाज का योगदान अतुलनीय: मुख्यमंत्री

सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में है संत समाज का योगदान अतुलनीय: मुख्यमंत्री
 
 
सुमित तिवारी  उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
 
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा, संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने संमुख्यत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
 

कार्यक्रम में मुख्य रूप से

पंतजलि योगपीठ के संरक्षक एवं योगगुरू स्वामी रामदेव, बाबा कल्याण दास महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी चिदानंद मुनि, जगद्गुरू कुमार स्वामी, महंत ऋषि रामकृष्ण, गुरुमंडल महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप, महंत राघवेंद्र दास महाराज, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप महाराज, लोकसभा सांसद सतपाल महाराज, सांसद साक्षी महाराज, निर्मल अखाड़ा महंत ज्ञानदास महाराज, महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर रामनवमीत, गीता मन्दिर से स्वामी ज्ञानानंद, महंत विष्णु दास महाराज, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ, शांतिकुंज के डायरेक्टर डॉक्टर प्रणव पंड्या, महामंडलेश्वर ललितानंद महाराज, महंत ऋषिश्वरानंद महाराज, महंत महेश मुनि महाराज, आईडी शास्त्री, आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती, स्वामी वल्लभ दास, चिन्मय पंडया प्रतिकुलपति शांतिकुंज विश्वविद्यालय, महामंडलेश्वर अंनतानंद, जगदगुरू कृष्णा आचार्य, आचार्य हरिहरानंद महाराज, महंत ईश्वरदास, महामंडलेश्वर दुर्गादास, महंत रवि प्रपनाचार्य, महामंडलेश्वर बाबा हठयोगी, महामंडलेश्वर महंत रूपेंद्र प्रकाश महाराज, महंत रविदेव शास्त्री, महंत सुतीक्षण मुनि महाराज, महंत योगेंदद्रानंद मुनि महाराज, महंत रामनोमी दास, महंत दयाराम दास आदि मौजूद रहे।
राजनीति क्षेत्र से
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कैबिनेट मंत्री एवं हरिद्वार प्रभारी सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, शिवालिनगर नगरपालिका के चेयरमैन राजीव शर्मा, युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग आदि शामिल हुए।

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