सशक्त भारत की दिशा में ऐतिहासिक पहल है “नारी शक्ति वंदन अधिनियम”
देहरादून। टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और युगांतकारी कदम है। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का मजबूत संकल्प है। इस अधिनियम से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भूमिका और अधिक सशक्त होगी, जिससे लोकतंत्र को नई मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड सहित पूरे देश की महिलाएं सदियों से साहस, त्याग और समर्पण का उदाहरण रही हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। यह अधिनियम उन्हें नेतृत्व और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर देकर “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।