सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर

सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर


पौड़ी। सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के मोबाइल एटीएम वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों को सहकारिता की शपथ दिलाई गई। जनपद में यह अभियान 29 जून से 6 जुलाई तक विभिन्न जागरूकता और जनसहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सहकारी समितियों को डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के एक लाख युवाओं को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, विपणन सुविधाएं तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 1,500 किसानों को ब्याज मुक्त ऋण का लाभ दिया जा चुका है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अध्ययन भ्रमण के लिए देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाएगा।


डॉ. रावत ने कहा कि सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही वीर माधो सिंह भंडारी योजना के माध्यम से भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मंडुवा 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है, जिससे पर्वतीय किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत प्रत्येक सहकारी समिति में पौधरोपण करने का आह्वान किया। सहकारिता सप्ताह के दौरान सहकारी चौपाल, जागरूकता शिविर, ऋण वितरण, कार्यशालाएं, वृक्षारोपण और सोशल मीडिया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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