ओवरचार्जिंग पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन ई-रिक्शा सीज

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / रोहित वर्मा,
हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने के लिए हरिद्वार में परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने सामान्य यात्री बनकर विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं की औचक जांच की।
जांच के दौरान कई मामलों में निर्धारित किराए से कई गुना अधिक राशि वसूली जाती पाई गई। ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक जहां सामान्य किराया लगभग 20 रुपये होना चाहिए था, वहां चालक ने 50 रुपये वसूले। इसी तरह शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक 30 रुपये के स्थान पर 150 रुपये किराया मांगा गया। एक अन्य मामले में ओवरचार्जिंग के साथ वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी। तीनों मामलों में संबंधित ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया।
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के अनुसार ई-रिक्शा अधिकतम 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया ले सकते हैं। इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों और चारधाम श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ नियमित औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान जारी रहेंगे।
जांच के दौरान कई मामलों में निर्धारित किराए से कई गुना अधिक राशि वसूली जाती पाई गई। ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक जहां सामान्य किराया लगभग 20 रुपये होना चाहिए था, वहां चालक ने 50 रुपये वसूले। इसी तरह शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक 30 रुपये के स्थान पर 150 रुपये किराया मांगा गया। एक अन्य मामले में ओवरचार्जिंग के साथ वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी। तीनों मामलों में संबंधित ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया।
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के अनुसार ई-रिक्शा अधिकतम 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया ले सकते हैं। इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों और चारधाम श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ नियमित औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान जारी रहेंगे।