21 वर्ष पुराने धोखाधड़ी मामले में आरोपी बरी
हरिद्वार। वर्ष 2005 में दर्ज चर्चित धोखाधड़ी मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) हरिद्वार की अदालत ने लगभग 21 वर्ष बाद अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी राजवीर सिंह को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा।
मामला कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र का है, जिसमें बेरोजगार युवकों को एक कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धनराशि लिए जाने का आरोप लगाया गया था। इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 420, 467, 471, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों में कई विरोधाभास पाए गए। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने प्रभावी पैरवी की। 19 जून 2026 को अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। लंबे समय बाद आए इस फैसले से मामले का पटाक्षेप हो गया।