डेढ़ दिन में पूरा हुआ ट्रेकर्स रेस्क्यू अभियान, 67 सदस्यों को निकाला सुरक्षित

उत्तरकाशी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण अभियानों में गए ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षित वापसी के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान डेढ़ दिन में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। जिला प्रशासन के अनुसार अभियान के तहत कुल 67 सदस्यों को सुरक्षित निचले क्षेत्रों में पहुंचाया गया।
अभियान के दौरान ऑडिन कोल पास से 29, जोगिन-1 से आठ, सतोपंथ से आठ, कालिंदी पास से 19 तथा वासुकी ताल से तीन आर्मी पोर्टर्स का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य किया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अभियान के पहले दिन हर्षिल पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने स्मार्ट कंट्रोल रूम से अभियान की लगातार निगरानी की और संबंधित टीमों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए। दूसरे दिन भी कंट्रोल रूम से रेस्क्यू की प्रगति की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र हर्षिल में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं।
प्रशासन के अनुसार श्रीकंठ एक्सपीडिशन के 18 सदस्य अपने अभियान को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके अलावा सुदर्शन पीक पर 12, भागीरथी-2 (आर्मी) में 20, भागीरथी-2 में नौ और शिवलिंग क्षेत्र में सात सदस्य मौजूद हैं, जबकि पांच सदस्यीय एक दल स्वयं सुरक्षित वापस लौट रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद सभी संबंधित एजेंसियों ने समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाई। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चलाया गया रेस्क्यू अभियान सुरक्षित रूप से पूरा किया गया।