पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कुमार दुष्यंत
हरिद्वार। सावन कांवड़ मेले की शुरुआत हो गई है। इस बार करीब पांच करोड़ कांवड़ियों के आने का अनुमान है। इस दृष्टि से इस बार यह मेला पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है हालांकि अच्छी बात ये है कि इस बार कांवड़ मेले का आयोजन अनुभवी अधिकारियों के हाथों में है।
कांवड़ मेले का अधिक दारोमदार पुलिस के कंधों पर रहता है क्योंकि उसे भीड़ भरे इस लंबे मेले में यातायात, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन-नियंत्र्ण, सुरक्षा जैसे अनेक अनेक विषयों से एक साथ जूझना होता है। वहीं जिला प्रशासन को बिजली, पानी, शौचालय, सड़कों जैसे विभागीय कार्यों को सकुशलता के साथ सम्पन्न कराना होता है। इस लिहाज से इसबार मेले की व्यवस्थाएं अनुभवी हाथों में हैं।

हरिद्वार जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित की हरिद्वार में पोस्टिंग को 13 महीने बीत चुके हैं और इस दौरान वह एक सावन कांवड़, एक फागुनी कांवड़ मेले का कुशल प्रबंधन के साथ बुद्ध पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, गंगा दशहरा जैसे बड़े स्नान पर्वों को सम्पन्न करा चुके हैं, इसलिए ऐसे महामेलों और हरिद्वार की प्रकृति से वह वाकिफ हैं।
2015 बैच के आईपीएस एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर हरिद्वार के पुराने अनुभवी अधिकारी हैं और हरिद्वार में एसपी सिटी व देहात के रूप में लंबा वक्त गुजार चुके हैं और कांवड़ सहित हरिद्वार के मेलों का उन्हें लंबा अनुभव है। उनके अनुभव का लाभ मेले को व्यवस्थित सम्पन्न कराने के साथ ही पुलिस को भी मिलेगा।
कांवड़ मेले की पुलिस व्यवस्थाएं मुख्यतः हरिद्वार और रुड़की देहात क्षेत्र में बंटी हैं, जहां से कांवड़िए हरिद्वार प्रवेश करते हैं। इसलिए हरिद्वार में एसपी सिटी अभय सिंह व देहात में एसपी देहात शेखर सुयाल को मेले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह दोनों पुलिस अधिकारी भी हरिद्वार के अनुभवी अधिकारी हैं। एसपी देहात शेखर सुयाल पहले भी हरिद्वार के सी ओ सिटी के रूप में हरिद्वार में तैनात रहे हैं और पिछले डेढ़ साल से एसपी देहात की जिम्मेदारी देख रहे हैं। पिछले सावन कांवड़ मेले के दौरान भी उनका काम सराहनीय रहा। एसपी सिटी अभय सिंह भी सीओ के रूप में हरिद्वार के विभिन्न सर्किलों में रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भी ऐसे मेलों का लंबा अनुभव है। हरिद्वार नगर की भौगोलिक परिस्थितियों से भी वह भली-भांति अवगत हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस बार कांवड़ मेले का प्रबंधन अनुभवी हाथों में है।

छह हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा
इस बार कांवड़ मेले में भारी भीड़ के दृष्टिगत छह हजार जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया है। जबकि 13 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात रहेगी। बीडीएस और डॉग स्क्वायड की चार टीमें और 10 ड्रोन भी मेले की निगरानी करेंगे।पूरे मेला क्षेत्र को 40 जोन 18 सुपर जोन व 141 सेक्टरों में बांटकर मेले की व्यवस्थाएं की गई हैं।