मनसा देवी पहाड़ियों में भूस्खलन प्रबंधन को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण दल ने किया निरीक्षण

हरिद्वार। मनसा देवी हिल क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के प्रभावी प्रबंधन एवं न्यूनीकरण के उद्देश्य से उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, विश्व बैंक तथा नॉर्वेजियन भू-तकनीकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसमें भारत, नेपाल एवं भूटान के प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
यह एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम 02 फरवरी को देहरादून में प्रारंभ हुआ, जिसमें कक्षा आधारित सैद्धांतिक सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक क्षेत्रीय भ्रमण को भी सम्मिलित किया गया। इसी क्रम में बुधवार को हरिद्वार स्थित मनसा देवी पहाड़ियों के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कराया गया। यहां केंद्र द्वारा भू-अभिकल्प, भू-अन्वेषण, ड्रिलिंग तथा भू-भौतिकीय जांच जैसे वैज्ञानिक कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को ढाल स्थिरता, भू-आकृतिक संरचना, जल निकासी व्यवस्था, भूमि उपयोग तथा प्राकृतिक एवं मानवीय कारणों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि स्थल-विशिष्ट अध्ययन के आधार पर ही प्रभावी ढाल स्थिरीकरण, निगरानी, चेतावनी प्रणाली एवं दीर्घकालिक भूस्खलन न्यूनीकरण योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न देशों से आए भूवैज्ञानिक उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय निरीक्षण उत्तराखंड में आपदा प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।