गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा में शंकराचार्य ने दिया गौरक्षा और सांस्कृतिक चेतना का संदेश

देहरादून/वाराणसी। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की 81 दिवसीय ‘गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ बुधवार को काशी पहुंची, जहां विभिन्न स्थानों पर सनातन समाज और गौभक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच यात्रा का स्वागत रोहनिया, लंका, सिगरा, रथयात्रा समेत कई स्थानों पर हुआ।
गौसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती धर्म के नाम पर भ्रम फैलाने वालों को पहचानना है। उन्होंने गौरक्षा को सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए समाज से जागरूक रहने का आह्वान किया। इस दौरान “एक वोट, एक नोट” अभियान के माध्यम से गौधाम निर्माण के लिए सहयोग का आह्वान भी किया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि यात्रा प्रदेश की विभिन्न विधानसभाओं में जनजागरण अभियान चलाते हुए आगे बढ़ रही है।