सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त, दी चेतावनी

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर लंबित जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि तक मामलों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” मंत्र को धरातल पर उतारने पर जोर देते हुए सभी विभागों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए टास्क ऑफिसर नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े विभागों में तीन अंकों और छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की 299, शहरी विकास की 384, पुलिस की 309, ऊर्जा विभाग की 234, जल संस्थान की 183 तथा राजस्व विभाग की 174 शिकायतें लंबित पाई गईं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 345 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अलावा शहरी विकास, राजस्व, पुलिस और तकनीकी शिक्षा विभाग की भी बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित मिलीं।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार आयोजित “समाधान दिवस” में प्राप्त शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। डीएम ने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक 10 दिन में समीक्षा कर शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समाधान की स्थिति का फीडबैक लेंगे, ताकि जनसमस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” मंत्र को धरातल पर उतारने पर जोर देते हुए सभी विभागों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए टास्क ऑफिसर नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े विभागों में तीन अंकों और छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की 299, शहरी विकास की 384, पुलिस की 309, ऊर्जा विभाग की 234, जल संस्थान की 183 तथा राजस्व विभाग की 174 शिकायतें लंबित पाई गईं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 345 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अलावा शहरी विकास, राजस्व, पुलिस और तकनीकी शिक्षा विभाग की भी बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित मिलीं।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार आयोजित “समाधान दिवस” में प्राप्त शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। डीएम ने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक 10 दिन में समीक्षा कर शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समाधान की स्थिति का फीडबैक लेंगे, ताकि जनसमस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो सके।