एक सफल अधिकारी बनने से पहले अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी: भूपेन्द्र यादव

देहरादून। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) में 2024 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परिवीक्षार्थियों का दीक्षांत समारोह वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित हुआ। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में 109 भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों और भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों को प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक सफल अधिकारी बनने से पहले अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में भारतीय वन सेवा के इन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया।
आईजीएनएफए के निदेशक राजेन्द्र प्रसाद खजूरिया ने बताया कि 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वानिकी, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरणीय सुशासन, नेतृत्व विकास तथा क्षेत्रीय अभ्यासों को विशेष महत्व दिया गया। कुल 75 प्रशिक्षुओं ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।
समारोह में राजस्थान संवर्ग की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच टॉपर रहीं। कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, वानिकी संस्थानों के प्रमुखों, प्रशिक्षु अधिकारियों तथा उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।