भाजपा नेताओं के निर्माण के साथ कई प्रॉपर्टी डीलरों की कॉलोनियों पर चला एचआरडीए का बुलडोजर

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / जोगेंद्र मावी,
हरिद्वार। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण ने अभियान चलाते हुए एक दिन में 8 कॉलोनी एवं निर्माण सील किए। एचआरडीए की उपाध्यक्ष सोनिका ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के कोई निर्माण या कॉलोनी बर्दास्त नहीं जाएगी। हालांकि बिना अप्रूव्ड कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने पर धोखाधड़ी की आशंका रहती है।
बुधवार को एचआरडीए ने कई निर्माण और कॉलोनियों को सील किया। एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष कुमार सिंह ने बताया कि हरिआश्रय के निकट शांतरशाह तहसील रूड़की में आशीष विरमानी की लगभग 3 से 4 बीघा भूमि में कालोनी का ध्वस्तीकरण कराया।
वहीं, सहदेवपुर रोड, शांतरशाह पंतजलि के पास गर्ग की 5 से 6 बीघे में काटी जा रही कॉलोनी को सील किया।
इवारा पार्क लेंड के सामने एवं प्रकाश के बगल में, निकट पेट्रोल पम्प इण्डियन ऑयल, कोर-मंगलौर बाईपास, तहसील-रूड़की में जुल्फकार, फुरकान, इरशाद, हनीफ आदि द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या एचआरडीए /एनसी / 0015/25-26 से अलग निर्माण किया जाता मिला, उसे सील कर दिया।
सिल्वर सिटी के सामने वाली गली, मकान नंबर 1559/1 बी, श्यामकुंज, 32 सिविल लाईन, तहसील रुड़की में रतन अग्रवाल व रचित अग्रवाल द्वारा लगभग 70′ गुणा 30′ की माप में नजूल भूमि पर निर्माण कार्य होता मिला।
भाटिया शोरूम के बगल वाली गली, सिविल लाईन, रूड़की, जिला- हरिद्वार में सुबोध कुमार द्वारा लगभग 30′ गुणा 30′ की माप में निर्माण किया जा रहा था।
जादूगर रोड़, तहसील रुड़की, जिला-हरिद्वार में कमलेश द्वारा लगभग 30′ गुणा 65′ की माप में आवासीय भवन के निर्माण को भी सील किया।
सिंकदरपुर भैंसवाल, तहसील-भगवानपुर जिला-हरिद्वार में राव जुनैद/ हितबद्ध व्यक्ति द्वारा लगभग 70′ गुणा 150′ में फ्रेम स्ट्रकचर कि सहायता से गोदाम का निर्माण को सील कियाा।
ग्राम सिकंदरपुर भैंसवाल, परगना तहसील-भगवानपुर, जिला-हरिद्वार में दौलतराम पुत्र जयपाल द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या एचआरडीए/एनसी /0187/25-26 से भिन्न निर्माण कार्य किया जा रहा है।
एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा उक्त सभी अनाधिकृत निर्माणों के विरूद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई करते हुए वाद योजित किए गए। स्थल पर निरंतर निर्देशों के बावजूद भी अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं द्वारा स्थल पर निर्माण कार्य बंद ना करने के कारण प्राधिकरण टीम द्वारा जेसीबी की सहायता से अनाधिकृत प्लाटिंग/विकास कार्याे को ध्वस्त किया गया। मौके पर उपस्थित अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं को स्वीकृत कराए बिना निर्माण कार्य ना किया जाने के लिए निर्देशित किया।
बुधवार को एचआरडीए ने कई निर्माण और कॉलोनियों को सील किया। एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष कुमार सिंह ने बताया कि हरिआश्रय के निकट शांतरशाह तहसील रूड़की में आशीष विरमानी की लगभग 3 से 4 बीघा भूमि में कालोनी का ध्वस्तीकरण कराया।
वहीं, सहदेवपुर रोड, शांतरशाह पंतजलि के पास गर्ग की 5 से 6 बीघे में काटी जा रही कॉलोनी को सील किया।
इवारा पार्क लेंड के सामने एवं प्रकाश के बगल में, निकट पेट्रोल पम्प इण्डियन ऑयल, कोर-मंगलौर बाईपास, तहसील-रूड़की में जुल्फकार, फुरकान, इरशाद, हनीफ आदि द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या एचआरडीए /एनसी / 0015/25-26 से अलग निर्माण किया जाता मिला, उसे सील कर दिया।
सिल्वर सिटी के सामने वाली गली, मकान नंबर 1559/1 बी, श्यामकुंज, 32 सिविल लाईन, तहसील रुड़की में रतन अग्रवाल व रचित अग्रवाल द्वारा लगभग 70′ गुणा 30′ की माप में नजूल भूमि पर निर्माण कार्य होता मिला।
भाटिया शोरूम के बगल वाली गली, सिविल लाईन, रूड़की, जिला- हरिद्वार में सुबोध कुमार द्वारा लगभग 30′ गुणा 30′ की माप में निर्माण किया जा रहा था।
जादूगर रोड़, तहसील रुड़की, जिला-हरिद्वार में कमलेश द्वारा लगभग 30′ गुणा 65′ की माप में आवासीय भवन के निर्माण को भी सील किया।
सिंकदरपुर भैंसवाल, तहसील-भगवानपुर जिला-हरिद्वार में राव जुनैद/ हितबद्ध व्यक्ति द्वारा लगभग 70′ गुणा 150′ में फ्रेम स्ट्रकचर कि सहायता से गोदाम का निर्माण को सील कियाा।
ग्राम सिकंदरपुर भैंसवाल, परगना तहसील-भगवानपुर, जिला-हरिद्वार में दौलतराम पुत्र जयपाल द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या एचआरडीए/एनसी /0187/25-26 से भिन्न निर्माण कार्य किया जा रहा है।
एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा उक्त सभी अनाधिकृत निर्माणों के विरूद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई करते हुए वाद योजित किए गए। स्थल पर निरंतर निर्देशों के बावजूद भी अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं द्वारा स्थल पर निर्माण कार्य बंद ना करने के कारण प्राधिकरण टीम द्वारा जेसीबी की सहायता से अनाधिकृत प्लाटिंग/विकास कार्याे को ध्वस्त किया गया। मौके पर उपस्थित अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं को स्वीकृत कराए बिना निर्माण कार्य ना किया जाने के लिए निर्देशित किया।