विकासनगर उप निबंधक कार्यालय में बड़ा खुलासा, निलंबन की संस्तुति

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / गजमफर अली,
देहरादून। उप निबंधक कार्यालय विकासनगर में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।
निरीक्षण के दौरान 2018 से 2025 तक के कई मूल विलेख पत्र कार्यालय में लंबे समय से डंप पाए गए तथा 25 रजिस्ट्रियां बिना उचित अभिलेखन के मिलीं। जांच में स्टांप चोरी और प्रक्रियात्मक लापरवाही के मामले भी सामने आए। सबसे गंभीर खुलासे में प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट भूमि से जुड़ी लगभग 150 अवैध रजिस्ट्रियों का मामला सामने आया, जो न्यायालय के आदेशों के विपरीत पाई गईं। इसके अलावा धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी के 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए, जिनसे करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जिलाधिकारी ने सभी अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं तथा पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इसे राजस्व सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में सख्त कार्रवाई बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान 2018 से 2025 तक के कई मूल विलेख पत्र कार्यालय में लंबे समय से डंप पाए गए तथा 25 रजिस्ट्रियां बिना उचित अभिलेखन के मिलीं। जांच में स्टांप चोरी और प्रक्रियात्मक लापरवाही के मामले भी सामने आए। सबसे गंभीर खुलासे में प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट भूमि से जुड़ी लगभग 150 अवैध रजिस्ट्रियों का मामला सामने आया, जो न्यायालय के आदेशों के विपरीत पाई गईं। इसके अलावा धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी के 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए, जिनसे करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जिलाधिकारी ने सभी अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं तथा पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इसे राजस्व सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में सख्त कार्रवाई बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।