सीएचसी थराली और पीएचसी देवाल में रेबीज के टीके खत्म
थराली। पिंडर घाटी क्षेत्र में इन दिनों रेबीज के टीकों की कमी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) देवाल में पिछले कई दिनों से रेबीज का टीका उपलब्ध नहीं है, जिससे जानवरों के काटने की स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों पर पिंडर घाटी के एक लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में कुत्तों के साथ-साथ बंदरों और लंगूरों के बढ़ते आतंक के बीच रेबीज के टीकों का न होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय सर्वाेच्च सलाहकार समिति के सदस्य और राज्य आंदोलनकारी भूपाल सिंह गुसाईं ने कहा कि अस्पतालों में रेबीज जैसे महत्वपूर्ण टीकों का न होना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी अस्पतालों में रेबीज के टीके हर समय उपलब्ध कराए जाएं।
वहीं सीएचसी थराली के एमओआईसी डॉ. मितेश मंजुल ने बताया कि करीब 10 दिन पहले रेबीज के टीके खत्म हो गए थे और उनकी आपूर्ति के लिए डिमांड भेज दी गई है। संभव है कि मंगलवार तक टीकों की आपूर्ति हो जाए। यदि पीएचसी देवाल से भी मांग भेजी गई होगी तो वहां भी टीके उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों पर पिंडर घाटी के एक लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में कुत्तों के साथ-साथ बंदरों और लंगूरों के बढ़ते आतंक के बीच रेबीज के टीकों का न होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय सर्वाेच्च सलाहकार समिति के सदस्य और राज्य आंदोलनकारी भूपाल सिंह गुसाईं ने कहा कि अस्पतालों में रेबीज जैसे महत्वपूर्ण टीकों का न होना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी अस्पतालों में रेबीज के टीके हर समय उपलब्ध कराए जाएं।
वहीं सीएचसी थराली के एमओआईसी डॉ. मितेश मंजुल ने बताया कि करीब 10 दिन पहले रेबीज के टीके खत्म हो गए थे और उनकी आपूर्ति के लिए डिमांड भेज दी गई है। संभव है कि मंगलवार तक टीकों की आपूर्ति हो जाए। यदि पीएचसी देवाल से भी मांग भेजी गई होगी तो वहां भी टीके उपलब्ध करा दिए जाएंगे।