कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय घेराव, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार को दी चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में ध्वस्त होती कानून व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राज्य में कानून व्यवस्था शीघ्र पटरी पर नहीं आई और लगातार हो रही हत्याओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला और पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में दिन-दहाड़े हो रही हत्याओं एवं गंभीर आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। कांग्रेस ने कहा कि उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय और देवभूमि कहे जाने वाले राज्य में इस तरह की घटनाएं आमजन में भय, असुरक्षा और चिंता का वातावरण पैदा कर रही हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो गया है। विगत 15 दिनों में देहरादून सहित विभिन्न जिलों में हुई पांच जघन्य हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पुलिस की नाक के नीचे हुई इन घटनाओं में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। कांग्रेस ने चेताया कि यदि समय रहते कठोर और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सामाजिक अस्थिरता और जनविश्वास में भारी गिरावट आ सकती है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि राज्य के सभी संवेदनशील एवं अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष पुलिस अभियान चलाया जाए, संगठित अपराध और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, प्रत्येक गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने हेतु दृश्यमान और प्रभावी कदम तत्काल उठाए जाने की मांग की गई।
पुलिस मुख्यालय घेराव कार्यक्रम में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री, जिला व महानगर पदाधिकारी सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।