मॉकड्रिल: मनसा देवी क्षेत्र में लगी भीषण आग, तीन घायलों का किया रेस्क्यू

हरिद्वार। वन संपदा की सुरक्षा और आगामी फायर सीजन की तैयारियों को परखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मनसा देवी पहाड़ी क्षेत्र में व्यापक मॉक अभ्यास किया गया। प्रातः 10ः30 बजे आग की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम को त्वरित राहत एवं बचाव के निर्देश दिए गए। मौके पर पहुंचकर टीमों ने वनाग्नि पर नियंत्रण पाया और आग की चपेट में आए तीन व्यक्तियों को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई जबकि एक को हायर सेंटर रेफर किया गया। एक घायल चीतल शावक को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। यह अभ्यास राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में दो दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था। दूसरे चरण की फायर मॉक ड्रिल में 11 विभागों के समन्वय से 5 मिनट में तैनाती हुई और 1 घंटा 45 मिनट में आग पर पूर्ण नियंत्रण किया गया।

वनाग्नि से निपटने की तैयारियों का किया परीक्षण
पौड़ी। आगामी गर्मी के मौसम में वनाग्नि की आशंका को देखते हुए गढ़वाल वन प्रभाग, सिविल एवं सोयम प्रभाग पौड़ी तथा लैंसडाउन वन प्रभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास में आग की सूचना पर त्वरित रिस्पॉन्स, उपकरणों की उपलब्धता, विभागीय समन्वय, फायर टेंडर व एम्बुलेंस की व्यवस्था का परीक्षण किया गया। बुआखाल, डांडापानी, लालपानी और मटियाली क्षेत्रों में हुए अभ्यास में वन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग व महिला मंगल दल की सहभागिता रही। अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य रिस्पॉन्स टाइम घटाकर वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

वन अग्नि सुरक्षा को लेकर किया मॉक अभ्यास
रूद्रप्रयाग। फॉरेस्ट फायर सीजन के मद्देनजर रुद्रप्रयाग जनपद में वन अग्नि सुरक्षा और त्वरित नियंत्रण व्यवस्था का मॉक अभ्यास जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में आयोजित किया गया। अभ्यास में वन विभाग, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और 108 एम्बुलेंस सेवा ने भाग लिया। धनपुर 11 क्षेत्र में आग फैलने की काल्पनिक स्थिति में सभी टीमों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य किया। घायल कर्मी को स्ट्रेचर से जिला चिकित्सालय भेजा गया। 20 मिनट में आग पर नियंत्रण पाया गया।

मॉक ड्रिल कर परखी वनाग्नि की तैयारी
चमोली। जनपद में बहु विभागीय संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। बद्रीनाथ, केदारनाथ और अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभागों में मॉक ड्रिल संपन्न हुई, जिसमें पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, महिला एवं नवयुवक मंगल दल, वन पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और स्थानीय ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे। अभ्यास के दौरान सूचना तंत्र की सक्रियता, फायर लाइन निर्माण, अग्निशमन तकनीक, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी का परीक्षण किया गया। विभागीय समन्वय और कमान नियंत्रण प्रणाली का भी परीक्षण किया गया।

वन प्रभाग ने की वनाग्नि मॉक ड्रिल
देहरादून। कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग, कालसी की लांघा रेंज के बाडवाला क्रू-स्टेशन में उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालसी के निर्देशन में वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास में वन क्षेत्राधिकारी सहसपुर व लांघा, एसडीआरएफ, अग्निशमन, पीआरडी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। समन्वित कार्रवाई से आग पर नियंत्रण पाया गया। मॉक ड्रिल के दौरान घायल व्यक्ति को एसडीआर दिया गया।
विभागों की परखी तैयारियां
उत्तरकाशीं बुधवार को वनाग्नि से निपटने को लेकर मॉक अभ्यास किया गया। आपदा कंट्रोल रूम को प्रातः 11ः30 बजे विभिन्न क्षेत्रों से वनाग्नि की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य के निर्देश पर आईआरएस सिस्टम सक्रिय किया गया। बग्याल गांव, गंगोत्री नेशनल पार्क, गोविंद वन्यजीव विहार, टोंस व अपर यमुना वन प्रभाग सहित कई क्षेत्रों में अभ्यास हुआ। इसमें वन विभाग, फायर सर्विस, पुलिस, एसडीआरएफ सहित अन्य विभागों ने भाग लिया।