करन माहरा बोले- मुख्यमंत्री नाम से, प्रॉपर्टी डीलर काम से

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चार्जशीट कमेटी ने होटल इंद्रलोक में पत्रकार वार्ता कर धामी सरकार पर सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चार्जशीट कमेटी अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
चार्जशीट कमेटी अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के माध्यम से करीब 7,000 बीघा सरकारी भूमि को निजी निवेशकों को 90 वर्ष तक की लीज पर देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के लिए भूमि खरीद की सीमा निर्धारित है तो बड़े कॉरपोरेट समूहों को हजारों बीघा सरकारी भूमि दीर्घकालीन लीज पर देने का औचित्य क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यावसायिक उपयोग की भूमि का लीज रेंट कृषि भूमि के सर्किल रेट पर तय करने से सरकारी राजस्व को नुकसान हो सकता है।
माहरा ने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों में भूमि को सब-लीज और बंधक रखने की अनुमति सहित बड़े कॉरपोरेट समूहों के लिए अनुकूल शर्तें रखी गई हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं, ग्राम पंचायतों और सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता देने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी सरकार पर जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की लीज प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए टेंडर, राजस्व और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग को लेकर जांच की मांग की।
चार्जशीट कमेटी सदस्य मनोज रावत ने एक अस्पताल के लिए चिन्हित करीब 23,137 वर्गमीटर भूमि का आवंटन निरस्त किए जाने और संबंधित कंपनियों की पात्रता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी रूप से अयोग्य कंपनी को भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया में लाभ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों के हित में पारदर्शी नीति सुनिश्चित करने की मांग की।