लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में लाएं तेजी, हर कार्य की तय हो समय-सीमा: मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आवास विभाग के नियंत्रणाधीन समस्त विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विकास प्राधिकरणों के कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान, परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, सौंदर्यीकरण, पार्किंग, आवासीय योजनाओं और अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई से जुड़े प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए तथा संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मास्टर प्लान एवं अन्य परियोजनाओं पर लंबे समय से कार्य लंबित है, उनमें तेजी लाई जाए। प्रत्येक लंबित कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उसके पूरा होने की समय-सीमा निर्धारित की जाए और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि इसी माह से सभी विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण के कार्य प्रारंभ कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का स्वरूप और गुणवत्ता जी-20 समिट के दौरान किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों की तरह आकर्षक और प्रभावी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के लिए बजट की आवश्यकता है तो उसकी व्यवस्था भी की जाए, लेकिन बजट की कमी को कार्यों में देरी का कारण अथवा बहाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ-साथ अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार सहित सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।