शिव महापुराण कथा में गूंजा शिव-सती प्रसंग

हरिद्वार। सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति की ओर से आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथा स्थल भक्तिभाव से सराबोर रहा। कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने शिव-सती प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव और माता सती का विवाह भक्ति, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राजा दक्ष द्वारा महादेव का अपमान किए जाने से आहत माता सती ने योगाग्नि में अपने प्राण त्याग दिए। इससे क्रोधित भगवान शिव ने वीरभद्र रूप धारण कर दक्ष के यज्ञ का अंत किया। महाराज ने कहा कि अहंकार विनाश का कारण है, जबकि निष्काम भक्ति और समर्पण से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। कथा में मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल, मंजू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।