सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट सुधारने और मासिक समीक्षा के निर्देश

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का बड़े स्तर पर सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने, बाधक बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर हटाने तथा बरसात के कारण बने गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने और बरसात के बाद सड़क मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने को कहा।
डीएम ने एनएचएआई को आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटना रोकथाम के लिए सड़क चौड़ीकरण, रंबल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू करने तथा सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चकराता और कालसी क्षेत्र में ओवरलोडिंग, अनफिट वाहनों और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश भी दिए।
उन्होंने प्रत्येक सड़क दुर्घटना का सामाजिक और आर्थिक विश्लेषण कराने, दुर्घटना स्थलों का तकनीकी निरीक्षण करने तथा स्कूल बसों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने को कहा। बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के बिना वाहन चलाने और नशे में ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी, संकेतक बोर्ड, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड, डिवाइडर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक माह की जाएगी, ताकि सभी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का बड़े स्तर पर सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने, बाधक बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर हटाने तथा बरसात के कारण बने गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने और बरसात के बाद सड़क मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने को कहा।
डीएम ने एनएचएआई को आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटना रोकथाम के लिए सड़क चौड़ीकरण, रंबल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू करने तथा सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चकराता और कालसी क्षेत्र में ओवरलोडिंग, अनफिट वाहनों और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश भी दिए।
उन्होंने प्रत्येक सड़क दुर्घटना का सामाजिक और आर्थिक विश्लेषण कराने, दुर्घटना स्थलों का तकनीकी निरीक्षण करने तथा स्कूल बसों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने को कहा। बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के बिना वाहन चलाने और नशे में ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी, संकेतक बोर्ड, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड, डिवाइडर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक माह की जाएगी, ताकि सभी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।