मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की एसआईआर-2026 की समीक्षा, दिए निर्देश

हरिद्वार। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोतम ने सोमवार को हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे, किसी अपात्र व्यक्ति का नाम न जुड़े और बिना नोटिस के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक संवाद और बीएलओ स्तर पर ही नोटिसों की सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जनपद में मतदाताओं के डिजिटाइजेशन का 90.54 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विसंगतियों और श्अनमैप्डश् श्रेणी के 92,594 मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं तथा सभी मामलों की सुनवाई बीएलओ स्तर पर की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन किया जाएगा तथा बिना नोटिस किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। समीक्षा बैठक के बाद डॉ. पुरुषोतम ने रानीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित बीएचईएल केंद्रीय विद्यालय मतदान केंद्र का निरीक्षण कर बीएलओ से मतदाता सत्यापन, नोटिस वितरण और अभिलेखों के रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने अभियान के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों और निर्वाचन कर्मियों को पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।

पात्र मतदाता का नाम न छूटने पर दिया जोर
उत्तरकाशी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने सोमवार को एनआईसी कक्ष में ईआरओ और एईआरओ के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जनपद में 55,973 विसंगति वाले तथा 7,751 अनमैप्ड सहित कुल 63,727 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनकी सुनवाई के लिए 38 एईआरओ तैनात किए गए हैं। मस्तू दास ने निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और अपात्र का नाम शामिल न हो। उन्होंने बताया कि मतदाता आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को भी जमा कर सकते हैं तथा नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और संशोधन के लिए क्रमशः प्रारूप-6, 7 और 8 का उपयोग किया जा सकता है।