हरज्यू मंदिर चौकुनी में हो रहा है बैसी का आयोजन 

चौकुनी गांव में बना हुआ है हरज्यू देवता का भव्य मंदिर
 
            उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / भुवन बिष्ट,
 
रानीखेत। देवभूमि में अटूट आस्था का सदैव ही संगम होता है। देवभूमि उत्तराखण्ड के गांवों में लोकदेवता के प्रति सदैव ही लोगों की गहरी आस्था रहती है और जन लोक कल्याण के लिए समय समय पर इन लोकदेवता के मंदिरों में विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों अनुष्ठानों बैसी तिमासी छमासी तथा नवरात्रों का आयोजन किया जाता है। विकासखंड ताड़ीखेत के चौकुनी गांव में देवभूमि उत्तराखंड के लोकदेवता हरज्यू महाराज हरज्यू देवता का भव्य मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर गांव के रमणीक स्थान में बना हुआ है। मंदिर परिसर में माता का मंदिर भी बना हुआ है। इस मंदिर में हरज्यू देवता की धूनि भी बनी हुई है जो बैसी में निरन्तर जागृत रहती हैं। हरज्यू देवता के मंदिर में धूनि का विशेष महत्व है इसलिए इन मंदिरों को हरज्यू की धूनि भी कहा जाता है। मंदिर में आने वाले भक्तजनों को धूनि की बभूति लगाई जाती है। चौकुनी स्थित लोकदेवता हरज्यू महाराज के इस मंदिर को जीर्णोद्धार कर नव रूप में भव्य और आकर्षक बनाया गया है। लोगों की इन लोकदेवता के मंदिरों में गहरी आस्था बनी हुई है। देवभूमि उत्तराखण्ड के गांवों में लोकदेवता के प्रति सदैव ही लोगों की गहरी आस्था रहती है और जन लोक कल्याण के लिए समय समय पर इन लोकदेवता के मंदिरों में विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता रहा है। देवभूमि उत्तराखण्ड में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं गुरू गोरखनाथ, हरज्यू महाराज ,सैम देवता सैम ज्यू, न्यायी देवता गोलज्यू महाराज, माता के विभिन्न रूप आदि अनेक देवी देवता। लोकदेवता के मंदिर में विभिन्न आयोजनों में गाँव समाज की खुशहाली समृद्धि की सामूहिक रूप से लोकदेवता से प्रार्थना की जाती है।
 
 
  हरज्यू देवता मंदिर चौकुनी में हो रहा है बैसी का आयोजन 
 
रानीखेत। देवभूमि उत्तराखंड में श्रावण मास में लोकदेवता के मंदिरों में होती है बैसी। बैसी का शाब्दिक अर्थ है बाईस दिनों तक होने वाली भक्ति जो एक कठिन साधना के रूप में जानी जाती है। विकासखंड ताड़ीखेत के चौकुनी गांव स्थित हरज्यू देवता के मंदिर हरज्यू धूनि में बैसी का आयोजन किया जा रहा है। भक्तों द्वारा नियमित पूजा अर्चना, भोग एंव भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है। महिलाओं द्वारा भजन कीर्तनों का आयोजन भी किया जा रहा है जिससे चारों ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। भगत चन्दन सिंह ऐरडा़ जितेन्द्र सिंह जनी, करन ऐरड़ा, सूरज सिंह जनी हरज्यू देवता मंदिर में बैसी कर रहे हैं।
 
 
 
    लोकदेवता के प्रति होती है अगाध अटूट आस्था
 
                  देवभूमि उत्तराखण्ड में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं गुरू गोरखनाथ, हरज्यू महाराज, सैम देवता सैम ज्यू, न्यायी देवता गोलज्यू महाराज, नार्सिंग देवता आदि अनेक देवी देवता। इन देवी देवताओं के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था बनी है। लोकदेवताओं के पूजन की विधियां भी अलग अलग  हैं। अटूट व गहरी आस्था होने के कारण श्रद्धालुओं द्वारा इन मंदिरों में समय समय भक्ति यज्ञ पूजा पाठ आदि आयोजन किये जाते हैं। इनमें प्रमुख स्थान है बैसी का। न्यायी देवता गोल्ज्यू महाराज, हरज्यू, सैम ज्यू , गुरू गोरखनाथ की धूनियां व मंदिर देवभूमि में बने हैं और इनमें अटूट आस्था भक्तों की बनी रहती है।

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