डीजीपी आत्महत्या: पीएनबी घोटाले, नीरव मोदी प्रकरण की जांच करने वाले डीजीपी ने की आत्महत्या, बागपत के रहने वाले सीनियर आईपीएस

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / जोगेंद्र मावी,
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के डीजीपी का पद संभाला था। अनुराग धनखड़ मूल रूप उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले, नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया था।
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में अपने कार्यालय कक्ष में मृत मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनका शव कार्यालय के भीतर फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्हें तत्काल गोविंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद सभी जीबीपी अस्पताल भी पहुंचे। पूरे पुलिस मुख्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच कराने का फैसला किया है।
सीबीआई के बड़े मामलों के जांचकर्ता रहे अनुराग धनखड़
बागपत निवासी अनुराग धनखड़ ने जनता वैदिक इंटर कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1988 में कैनरा बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। उन्होंने सीबीआई में पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर रहते हुए 13 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले और नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भारत के प्रतिनिधि भी रहे। वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में अपने कार्यालय कक्ष में मृत मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनका शव कार्यालय के भीतर फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्हें तत्काल गोविंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद सभी जीबीपी अस्पताल भी पहुंचे। पूरे पुलिस मुख्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच कराने का फैसला किया है।
सीबीआई के बड़े मामलों के जांचकर्ता रहे अनुराग धनखड़
बागपत निवासी अनुराग धनखड़ ने जनता वैदिक इंटर कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1988 में कैनरा बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। उन्होंने सीबीआई में पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर रहते हुए 13 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले और नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भारत के प्रतिनिधि भी रहे। वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।