डेंगू-मलेरिया रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट, सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कमलेश पुरोहित,
चमोली। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण तथा पूर्व तैयारियों को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी संक्रमण काल को देखते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना लागू करने पर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है और इसका संक्रमण काल सामान्यतः जुलाई से नवंबर तक रहता है। जनपद में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए 25 आइसोलेटेड बेड तथा मच्छरदानियों सहित आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, नगर निकाय, जल संस्थान, सिंचाई, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आपदा प्रबंधन सहित 15 विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर जनजागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कूलर, पुराने टायर, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों पर जमा स्वच्छ पानी में मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाने को कहा।
नगर निकायों को जून से सितंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान, नियमित फॉगिंग और कूड़ा डंपिंग स्थलों पर कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाने, जलभराव रोकने तथा विद्यार्थियों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों और आमजन की सहभागिता से ही संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को रोकथाम उपायों से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है और इसका संक्रमण काल सामान्यतः जुलाई से नवंबर तक रहता है। जनपद में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए 25 आइसोलेटेड बेड तथा मच्छरदानियों सहित आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, नगर निकाय, जल संस्थान, सिंचाई, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आपदा प्रबंधन सहित 15 विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर जनजागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कूलर, पुराने टायर, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों पर जमा स्वच्छ पानी में मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाने को कहा।
नगर निकायों को जून से सितंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान, नियमित फॉगिंग और कूड़ा डंपिंग स्थलों पर कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाने, जलभराव रोकने तथा विद्यार्थियों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों और आमजन की सहभागिता से ही संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को रोकथाम उपायों से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।