करोड़ों की भूमि हड़पने की साजिश रचने वाली मुख्य अभियुक्ता सहारनपुर से गिरफ्तार

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / उदित पांडे,
देहरादून। दून पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि हड़पने के प्रयास से जुड़े एक चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्ता बबीता देवी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वादी की संपत्ति पर अवैध दावा करने और न्यायालय में स्टे लेने का आरोप है।
मामले के अनुसार पटेलनगर निवासी राहुल देव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके ममेरे दादा स्वर्गीय केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति उनके नाम की थी। वर्ष 2016 में उनके निधन के बाद वर्ष 2024 में उक्त संपत्ति उनके नाम दर्ज हो गई। वर्ष 2026 में भूमि अभिलेखों की जांच के दौरान पता चला कि बबीता देवी ने वर्ष 2025 में एक फर्जी अधिकार पत्र (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार कर संपत्ति पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्टे प्राप्त कर लिया था।
जांच में सामने आया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व मृत हो चुके केवल कृष्ण के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मुख्तारनामा तैयार किया गया। इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने साक्ष्य संकलित करते हुए मुख्य अभियुक्ता बबीता देवी (52 वर्ष), निवासी बीराखेड़ी, थाना गंगोह, जिला सहारनपुर को 1 जून 2026 को गंगोह रोड तिराहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार अभियुक्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों की भूमि पर कब्जा करने की नीयत से सुनियोजित षड्यंत्र रचा था।
प्रकरण में थाना पटेलनगर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद शाह, महिला उपनिरीक्षक सुधा रावत, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार एवं महिला कांस्टेबल वंदना कंडियाल शामिल रहे।
मामले के अनुसार पटेलनगर निवासी राहुल देव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके ममेरे दादा स्वर्गीय केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति उनके नाम की थी। वर्ष 2016 में उनके निधन के बाद वर्ष 2024 में उक्त संपत्ति उनके नाम दर्ज हो गई। वर्ष 2026 में भूमि अभिलेखों की जांच के दौरान पता चला कि बबीता देवी ने वर्ष 2025 में एक फर्जी अधिकार पत्र (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार कर संपत्ति पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्टे प्राप्त कर लिया था।
जांच में सामने आया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व मृत हो चुके केवल कृष्ण के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मुख्तारनामा तैयार किया गया। इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने साक्ष्य संकलित करते हुए मुख्य अभियुक्ता बबीता देवी (52 वर्ष), निवासी बीराखेड़ी, थाना गंगोह, जिला सहारनपुर को 1 जून 2026 को गंगोह रोड तिराहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार अभियुक्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों की भूमि पर कब्जा करने की नीयत से सुनियोजित षड्यंत्र रचा था।
प्रकरण में थाना पटेलनगर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद शाह, महिला उपनिरीक्षक सुधा रावत, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार एवं महिला कांस्टेबल वंदना कंडियाल शामिल रहे।