स्मार्ट मीटर के विरोध में उतरी इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) हरिद्वार चैप्टर के 34 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योग संगठनों एवं उद्योग बंधुओं के साथ मिलकर UPCL के मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में अधिशासी अभियंता (XEN) दीपक सैनी, एसडीओ अनुज जुड़ियाल, जेई सहित विभाग के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
IIA की ओर से प्रतिनिधिमंडल में सचिव कपिल मोदी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, राहुल शर्मा, दिनेश पुंडीर, तिवारी जी, मनीष सिंघल, प्रणव भट्टाचार्य, सोनू सहित अनेक उद्योगपति उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित उद्यमियों में अनित मिश्रा, अभय अग्रवाल, वाशू शर्मा, पुरुषोत्तम, पुनीत अरोड़ा, चमन सहित अन्य उद्योग बंधु भी सम्मिलित रहे।
बैठक के दौरान IIA द्वारा पूर्व में प्रस्तुत स्मार्ट मीटर एवं विद्युत बिलिंग संबंधी विस्तृत आवेदन पत्र में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के उपरांत औद्योगिक इकाइयों में विद्युत बिलों में हो रही असामान्य वृद्धि, CT/PT Ratio Verification, Earthing Audit, Power Factor Penalty, TOD Tariff, Meter Programming Parameters की पारदर्शिता, Parallel Running व्यवस्था तथा उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी अवगत कराया कि अनेक औद्योगिक इकाइयों को नए विद्युत कनेक्शन, सुरक्षा धनराशि (Security Refund) वापसी, डिजिटल मीटरों में तकनीकी त्रुटियों एवं बिलिंग संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उद्योग संचालन प्रभावित हो रहा है।
मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने सभी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता एवं सकारात्मकता से सुना तथा विभागीय टीम को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी तीन माह तक प्रत्येक माह विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष शिविर (Special Camp) आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित नए कनेक्शनों के शीघ्र निस्तारण, सुरक्षा धनराशि वापसी के मामलों को प्राथमिकता देने तथा डिजिटल मीटरों से संबंधित शिकायतों की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
IIA हरिद्वार चैप्टर एवं उपस्थित उद्योगपतियों ने आशा व्यक्त की कि विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों पर शीघ्र प्रभावी कार्यवाही होगी, जिससे औद्योगिक इकाइयों को राहत मिलेगी तथा उद्योग एवं विद्युत विभाग के मध्य बेहतर समन्वय एवं विश्वास स्थापित होगा।