हरिद्वार में झूठे मुकदमे और ऑनलाइन रकम निकासी का मामला, न्यायालय ने दिए जांच के आदेश

हरिद्वार। धर्मनगरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें मुस्कान वालिया नामक युवती द्वारा अपने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपों के आधार पर संबंधित व्यक्ति को जेल भेज दिया गया, लेकिन बाद में मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पूरे प्रकरण पर सवाल उठने लगे।
पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि मुकदमे के दौरान उसकी बेटी और उसके मित्र द्वारा ऑनलाइन यूपीआई माध्यम से लगभग 29 से 30 लाख रुपये निकाले गए। जेल में रहते हुए पीड़ित ने न्याय की मांग करते हुए अधिवक्ता सुदर्शन अग्रवाल से संपर्क किया। मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद अधिवक्ता द्वारा माननीय एसीजेएम न्यायालय में धारा 175(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता ने कहा कि झूठे मुकदमों के माध्यम से किसी निर्दाेष को फंसाना न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है तथा मामले में निष्पक्ष जांच के जरिए सत्य सामने लाया जाएगा।