नशामुक्त भविष्य के निर्माण के लिए आगे आएं युवा: जिलाधिकारी

देहरादून। नशामुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को ‘आह्वानरू जागरूकता, संकल्प और नशामुक्त भविष्य’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। युवाओं को तात्कालिक आकर्षण के बजाय अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आत्मानुशासन, सचेत जीवनशैली और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि युवावस्था में लिए गए निर्णय जीवन की दिशा तय करते हैं। इसलिए युवाओं को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करते हुए नशे से दूर रहना चाहिए। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार ने विद्यार्थियों को एनकॉर्ड की संरचना, कार्यप्रणाली और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय की भूमिका भी बताई। कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।