आंगनबाड़ी कार्यकत्री, भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने औरंगाबाद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और आयुष्मान आरोग्यम मंदिर के साथ प्राथमिक विद्यालय आन्नेकी प्रथम का निरीक्षण किया। इस दौरान लापरवाही मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्र में 18 अक्टूबर से बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, आयुष्मान आरोग्यम मंदिर बंद मिलने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखने को कहा।
आंगनबाड़ी केंद्र में 18 अक्टूबर से बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, आयुष्मान आरोग्यम मंदिर बंद मिलने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखने को कहा।
विद्यालय में मिलीं कई अनियमितताएं
प्राथमिक विद्यालय आन्नेकी प्रथम के निरीक्षण में मध्याह्न भोजन चूल्हे पर बनता मिला। विद्यालय में गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं था। स्टोर में एक्सपायरी मिल्क पाउडर और लगभग 500 किताबें बिना वितरण के रखी मिलीं। भोजन माता भी अनुपस्थित पाई गईं। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और विद्यार्थियों को पुस्तकों सहित अन्य सामग्री का समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा की गुणवत्ता जांची
निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्र ने विद्यार्थियों से संवाद कर पढ़ाई और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर पाई गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सरकारी संस्थानों में नियमित निगरानी रखने और आमजन व विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।