डीएम ने लिया संज्ञान, नई सोता नाले की सफाई कर जल निकासी की सुचारू

हरिद्वार। गंगा नदी में गंदा पानी गिरने संबंधी समाचारों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों के साथ नई सोता नाले की टैपिंग व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया।
उत्तराखंड जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा, गंगा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नाले की पाइपलाइन में सिल्ट और मिट्टी जमा होने से जल निकासी प्रभावित मिली। इसके बाद पाइपलाइन से सिल्ट और मिट्टी हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारू की गई। नाले के अपस्ट्रीम क्षेत्र में भी सघन सफाई अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए नाले की सफाई और टैपिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा। जल निकासी में बाधा आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर घरों और प्रतिष्ठानों का दूषित पानी नाले में न छोड़ने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी घर या प्रतिष्ठान से दूषित पानी नाले में छोड़े जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, सहायक अभियंता ब्रजमोहन रावत, अपर सहायक अभियंता निधि सेठी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शेखर और नगर निगम की टीम सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।