महिलाओं ने शिवजी के चित्र के सामने खोला व्रत, निभाई परंपरा

हरिद्वार। सुहाग की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ मनाया जाने वाला करवा चौथ का पर्व इस बार बारिश के कारण प्रभावित रहा। सुबह से कभी रुक-रुककर तो कभी हुई तेज बारिश ने जहां महिलाओं की खरीदारी का उत्साह फीका कर दिया, वहीं रात को आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा के दर्शन भी नहीं हो सके। चांद निकलने का इंतजार करती महिलाओं को आखिरकार भगवान शिव के चित्र में चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण करना पड़ा। दूसरी ओर, दिनभर बारिश के चलते बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही और दुकानदारों को अपेक्षित कारोबार नहीं मिल सका।

चांद का इंतजार, फिर शिवजी के चित्र के सामने खोला व्रत
करवा चौथ को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह था। सुहागिनों ने परंपरा के अनुसार निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम को महिलाओं ने सज-धजकर पूजा-अर्चना की और चंद्रमा निकलने का इंतजार किया। लेकिन बारिश और घने बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। काफी देर तक आसमान की ओर नजरें टिकाए रखने के बाद कई महिलाओं ने भगवान शिव के चित्र में चंद्रमा के दर्शन कर पूजा की और अपने व्रत का पारण किया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भी महिलाओं का सहयोग किया।
बारिश ने फीकी की बाजारों की रौनक
करवा चौथ से पहले बाजारों में चूड़ियों, साड़ियों, सौंदर्य प्रसाधनों, मेहंदी, पूजा सामग्री और करवा की खरीदारी को लेकर चहल-पहल रहती है। इस बार सुबह से हुई बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। कई दुकानदार दिनभर ग्राहकों का इंतजार करते रहे। व्यापारियों को उम्मीद थी कि पर्व के चलते अच्छी बिक्री होगी, लेकिन मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
कारोबार प्रभावित होने से व्यापारी मायूस
त्योहारी सीजन में करवा चौथ को बाजार के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। दुकानदारों ने पर्व को देखते हुए पहले से ही सामान मंगाकर तैयारी की थी, लेकिन बारिश के कारण खरीदारी प्रभावित होने से उन्हें मायूसी हाथ लगी। व्यापारियों का कहना था कि मौसम साफ रहता तो बाजारों में अधिक भीड़ जुटती और कारोबार को गति मिलती। कुल मिलाकर इस बार करवा चौथ पर आस्था और परंपरा का उत्साह तो बरकरार रहा, लेकिन बारिश ने पर्व की रौनक और बाजार की चमक दोनों को फीका कर दिया।

मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी गीता धामी के साथ मनाया करवाचौथ पर्व
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ करवाचौथ का पावन पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करवाचौथ का पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, अटूट विश्वास, प्रेम एवं समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में ऐसे पर्व पारिवारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास की भावना को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी परिवारों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की।