यम-नियम का पालन कुंडलिनी जागरण का मूल आधार

यम-नियम का पालन कुंडलिनी जागरण का मूल आधार


वाराणसी। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि आध्यात्मिक उन्नति और कुंडलिनी जागरण के लिए यम-नियम का पालन, आचरण की शुद्धता, संयम और अनुशासन आवश्यक है। उन्होंने साधकों को जल्दबाजी से बचते हुए पहले आत्म-नियंत्रण और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की सलाह दी। शंकराचार्य के अनुसार, कुंडलिनी जागरण में देवी कृपा, गुरु कृपा और निरंतर साधना की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिविर में प्रतिदिन प्रातः मंगलम्, साधना शिविर, महापूजा, नवचंडी पाठ और विशेष अर्चन आयोजित हो रहे हैं। यह जानकारी उनके मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।

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