जनगणना-2027 के प्रशिक्षण में डिजिटल प्रक्रिया और सटीक आंकड़ों पर दिया जोर

हरिद्वार। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के तहत 12 से 14 अक्टूबर तक विकास भवन सभागार में फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षित ट्रेनर्स आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। जनसंख्या गणना का कार्य नवंबर 2026 से प्रस्तावित है।
14 अक्टूबर को प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों और भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल फोन से आंकड़े जुटाएंगे, जबकि निगरानी के लिए सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। निदेशक ने तकनीकी प्रशिक्षण, नियमित निगरानी और विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया। प्रशिक्षण में जिला पंचायतीराज अधिकारी मो. मुस्तफा खान, जनगणना प्रभारी उत्तम सिंह, मीना नेगी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।