आपदा मॉक ड्रिल में भूकंप, बम सूचना व भूस्खलन पर किया रेस्क्यू अभ्यास

आपदा मॉक ड्रिल में भूकंप, बम सूचना व भूस्खलन पर किया रेस्क्यू अभ्यास


देहरादून। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। प्रातः 9ः45 बजे ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में बम की सूचना, भूकंप के झटके और अन्य घटनाओं के सिमुलेशन से विभिन्न स्थानों पर अफरा-तफरी की स्थिति बनाई गई। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में आईआरएस सिस्टम तत्काल सक्रिय हुआ और एसडीआरएफ, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने त्वरित राहत-बचाव कार्य किया।
मॉक ड्रिल के दौरान कुल 16 लोग घायल दिखाए गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंगा में बढ़े जलस्तर से लापता 2 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। कालसी में सड़क हादसा, मसूरी में भूस्खलन और विकासनगर में आग की घटनाओं पर भी सफल रेस्क्यू किया गया। अधिकारियों ने इसे आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता जांचने की महत्वपूर्ण पहल बताया।

टिहरी में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर की व्यापक मॉक ड्रिल

टिहरी। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस अभ्यास में सड़क दुर्घटना, भूस्खलन और वनाग्नि जैसी संभावित आपदाओं पर राहत-बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, एसडीआरएफ, लोक निर्माण और विद्युत विभाग सहित सभी एजेंसियों ने समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया। देवप्रयाग क्षेत्र में वाहन दुर्घटना में घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया, वहीं नरेंद्र नगर में भूस्खलन से मार्ग बाधित होने की स्थिति को संभाला गया। कंडिसौड़ क्षेत्र में वनाग्नि की घटना पर भी त्वरित प्रतिक्रिया दी गई। अधिकारियों ने समन्वय, प्रतिक्रिया क्षमता और संसाधनों के उपयोग का परीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों ने दिखाया समन्वित रेस्क्यू प्रदर्शन

चमोली। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने हेतु बुधवार को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने वर्चुअल माध्यम से अभ्यास का जायजा लिया। मॉक ड्रिल में सुरंग धंसने, भवन ढहने, भूकंप, भूस्खलन और वनाग्नि जैसी घटनाओं के परिदृश्य पर त्वरित राहत-बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन व वन विभाग की टीमों ने समन्वय के साथ घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार हेतु भेजा। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और जनहानि को न्यूनतम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

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