हनुमान जन्म प्रसंग एवं प्रभु श्रीराम-हनुमान मिलन देख भावविभोर हुए दर्शक

उत्तरकाशी। आदर्श रामलीला समिति लदाडी द्वारा आयोजित रामलीला के दसवें दिन हनुमान जन्म प्रसंग, प्रभु श्रीराम-हनुमान मिलन, सुग्रीव से मित्रता, बाली वध और सुग्रीव के राज्याभिषेक की दिव्य लीला का मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्रीराम और हनुमान जी के प्रथम मिलन से हुई। हनुमान जी ने विप्र रूप में प्रभु श्रीराम से संवाद किया, जिसके बाद वे उनके चरणों में गिर पड़े और आजीवन सेवा का संकल्प लिया। तत्पश्चात श्रीराम-सुग्रीव की अग्नि साक्षी में मित्रता और बाली वध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया। मंचन के दौरान “जय श्रीराम” के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मीडिया प्रभारी राजेंद्र गंगाड़ी, महिला मंगल दल और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। लीला के अंत में प्रभु श्रीराम की आरती उतारी गई।