तहसील में सिंघम बने तहसीलदार, व्यवस्था कराने में नाकाम, सड़कों पर पसरे अतिक्रमण पर आंखे बंद

सड़कों पर खुलेआम हो रहे कब्जे और अवैध निर्माण
 

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / जोगेंद्र मावी,
हरिद्वार। तहसील सदर के तहसीलदार परिसर में सिंघम बनकर वहां पर आने वाले फरियादियों और रजिस्ट्री करने वालों पर कहर बनकर टूटे। उन्होंने परिसर के अंदर खड़े वाहनों को हटाने के लिए जमकर लोगों को धमकाया। वाहन मालिक के मौके पर मौजूदगी न होने पर उनके टायरों की हवा तक निकलवा दी। लेकिन इन तहसीलदार को तहसील के बाहर का अतिक्रमण और अवैध तरीके से बन गए चैंबर नजर नहीं आए। तहसीलदार के रवैये से अधिवक्ताओं के साथ लेखाकारों में आक्रोश है।
तहसील परिसर में खुली जगह बहुत कम है। पार्किंग के नाम पर पार्क को वाहन खड़ा करने के लिए नियत किया हुआ है। जिसमें तहसील में काम करने वाले अधिवक्ता, लेखकारों, सहायकों के वाहन खड़े हो जाते हैं। तहसील में आने वाले फरियादियों, रजिस्ट्री कराने वालों के साथ आने वाले गवाहों, तमाम तरह के शपथ पथ बनवाने वाले, जाति—आय — निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाले, खसरा— खतौनी की नकलें, लेखपालों से रिपोर्ट लगवाने आदि काम कराने के लिए वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं है। परिसर में चैंबरों के सामने पार्क के पास तमाम अवैध चैंबर बन गए हैं। ऐसे में वाहन कहा पर खड़े किए जाए, क्योंकि वाहर सड़क पर भी जगह नहीं हैं, किसकी दुकान के सामने खड़ा करें, क्योंकि वहां पर भी ग्राहक आते हैं। ऐसे में तहसील परिसर में ही जैसे तैसे कर वाहन खड़े किए जाते हैं। सड़क पर कार खड़ी हो जाती हैं। अधिकांश कार वाले अपने साथ किसी को कार में बैठाकर जाते हैं, अन्यथा बाहर यातायात पुलिस कर्मी उनकी कारों को उठाकर ले जाते हैं, क्योंकि सड़क पर खड़े वाहनों से जाम लग जाता है।
तहसील में युवा तहसीलदार अपनी ताकत का पूरा प्रदर्शन करने लगे हैं।
 
वाक्या सोमवार का है। स्टाम्प की वेबसाइट न चलने से तहसील में काम नहीं हुआ और इंतजार के चलते हुए जो तहसील में आ गया, सो वहीं रुक गया। अब दोपहर को तहसीलदार की एंट्री होती है और भगदड़ मचने लगती है। तहसीलदार ने चैंबरों में काम करने वाले अधिवक्ता हो या उनके सहकर्मी, सभी को डाट लगे और जो वाहन मालिक मौके पर आ गया तो उसने हटा लिया, जो मौके पर नहीं थे उनके वाहनों की हवा निकलवा दी गई। सबसे ज्यादा परेशानी हवा डलवाने के लिए हुई, क्योंकि आसपास में कोई हवा डालने वाले मिस्त्री की दुकान नहीं है।
अब तहसीलदार तो अपना काम कर अपने कार्यालय में बैठ गए, लेकिन अधिकांश वाहन गेट के आसपास सड़क पर खड़े कर दिए गए। ऐसे में सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। अधिवक्ताओं के साथ तहसील में काम कराने वाले चर्चा करते रहे कि तहसीलदार को तहसील के बाहर लक्सर रोड पर भी अतिक्रमण देखना चाहिए। लोग कहते रहे कि तहसीलदार लक्सर रोड पर भी आते जाते होंगे। वहीं, तहसीलदार के इस व्यवहार को लेकर सभी में आक्रोश रहा। उन्होंने कहा कि यदि तहसीलदार को वाहनों से दिक्कत है तो पहले व्यवस्था कराएं या फिर अपना रवैया नहीं सुधारा तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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