धर्मयुद्ध शंखनाद में शंकराचार्य का आह्वान, 3 मई से गोयुद्ध यात्रा की घोषणा

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / जोगेंद्र मावी,
देहरादून/लखनऊ। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अन्याय और अधर्म को सहने से ही समाज में पाप बढ़ता है, इसलिए उसका विरोध करना आवश्यक है। उन्होंने मान्यवर कांशीराम स्मृति स्थल में आयोजित ‘धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम में यह बात कही।
शंकराचार्य ने घोषणा की कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौहत्या के विरोध में 3 मई से पूरे उत्तर प्रदेश में 81 दिवसीय ‘समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा’ शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण के लिए यह एक व्यापक जनआंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि अधर्म का प्रतिकार करना ही सनातन धर्म का मूल है। साथ ही वेशधारियों और पद-लोलुप साधुओं को चेतावनी देते हुए कहा कि धर्म के नाम पर स्वार्थ की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शंकराचार्य ने घोषणा की कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौहत्या के विरोध में 3 मई से पूरे उत्तर प्रदेश में 81 दिवसीय ‘समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा’ शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण के लिए यह एक व्यापक जनआंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि अधर्म का प्रतिकार करना ही सनातन धर्म का मूल है। साथ ही वेशधारियों और पद-लोलुप साधुओं को चेतावनी देते हुए कहा कि धर्म के नाम पर स्वार्थ की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गौप्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में काशी में शंखनाद
वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा गौमाता को राज्यमाता घोषित करने और गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में काशी में गौभक्तों ने शंखनाद किया। असि घाट पर सैकड़ों लोगों ने सामूहिक रूप से शंख बजाकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। कार्यक्रम में शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए देशव्यापी जनजागरण चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दल गौसंरक्षण का संकल्प लेगा, शंकराचार्य उसी का समर्थन करेंगे।