धर्म सत्ता प्रमाणपत्रों का नही है मोहताज: शंकराचार्य

देहरादून/वाराणसी। परमाराध्य शंकराचार्य ने हाल ही में सत्ता द्वारा शंकराचार्य होने का प्रमाण माँगे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धर्म सत्ता प्रमाणपत्रों का मोहताज नहीं, लेकिन अब सत्ता को अपनी धार्मिक निष्ठा सिद्ध करनी होगी। सन्त समाज ने मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से दो स्पष्ट माँगें रखी हैं गोमाता को ‘राज्यमाता’ का आधिकारिक दर्जा देना और मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाना।
शंकराचार्य ने सरकार को 40 दिन का समय दिया, अन्यथा 10-11 मार्च को लखनऊ में सन्त समाज का समागम कर योगी आदित्यनाथ को ‘नकली हिन्दू’ घोषित करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हिन्दू होना केवल भाषण या भगवे तक सीमित नहीं, इसकी कसौटी गो-सेवा और धर्म-रक्षा है। यदि राज्य गोवंश की रक्षा में असफल रहा, तो यह निर्णय केवल पद का नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आत्मा की रक्षा का प्रश्न होगा।