कार्रवाई से मेडिकल जगत में हलचल

हरिद्वार। जनपद में तैनात सीनियर ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती को देहरादून मुख्यालय से अटैच किए जाने के बाद पूरे मेडिकल और फार्मा जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लंबे समय से विवादों में घिरी इस कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग ने इसे “निष्पक्ष जांच” का हिस्सा बताया है, वहीं दूसरी ओर दवा कारोबारियों और मेडिकल लाइन से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार, 30 मार्च को ड्रग्स कंट्रोलर ताजभर जग्गी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अनीता भारती को हरिद्वार से हटाकर देहरादून मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि उनके स्थान पर असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर सुधीर को हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आरोपों से मचा था बवाल
पूरा मामला उस समय गरमा गया जब एक फार्मा कंपनी के संचालक ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि लाइसेंस जारी करने के एवज में उनसे पैसों की मांग की गई। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में व्हाट्सएप चौट भी सार्वजनिक कर दी, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस खुलासे के बाद मामला तूल पकड़ता चला गया और राजनीतिक रंग भी ले लिया। इससे पहले अनीता भारती द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने को लेकर एक कांग्रेसी नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना भी विवाद का कारण बना था।
मेडिकल कारोबारियों में नाराजगी
हरिद्वार में लंबे समय से दवा व्यापारियों, मेडिकल स्टोर संचालकों और फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। कई लोगों का आरोप था कि लाइसेंस, निरीक्षण और अन्य प्रक्रियाओं में अनावश्यक दबाव और परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। हालांकि, खुलकर शिकायत करने से अधिकांश लोग बचते रहे, लेकिन हालिया वायरल चौट ने अंदर ही अंदर चल रही नाराजगी को सतह पर ला दिया।
विभाग ने कहा, जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यह कार्रवाई केवल जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।