डिजिटल निगरानी व माइक्रो प्लानिंग पर जोर

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में नयार पुनर्जीवन योजना जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रही है।
जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की बैठक में एक जिलादृएक नदी अभियान के तहत पूर्वी एवं पश्चिमी नयार नदी के पुनर्जीवन हेतु तैयार डीपीआर की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि नयार घाटी जनपद की पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण आजीविका की आधारशिला रही है, जिसके पुनर्जीवन से जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने जलागम आधारित उपचार, कंटूर ट्रेंच, तालाब व चेकडैम निर्माण, जियोटैगिंग, माइक्रो प्लानिंग तथा डिजिटल मॉनिटरिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी, विभागीय समन्वय और वैज्ञानिक मानकों पर मूल्यांकन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह योजना जनपद को दीर्घकालिक जल संकट से सुरक्षित करने का मजबूत आधार बनेगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।