आवास एवं शहरी विकास योजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितैषी ढंग से किया जाए लागू: डॉ. आर. राजेश

आवास एवं शहरी विकास योजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितैषी ढंग से किया जाए लागू: डॉ. आर. राजेश


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखण्ड में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू करने हेतु लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव आवास, राज्य संपत्ति एवं आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में प्राधिकरण की स्थापना, संगठनात्मक संरचना, विधिक प्रावधानों, नियम-विनियम और संशोधनों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति की समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण, स्वीकृति और आवंटन कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को समय पर आवास उपलब्ध कराया जा सके।
सचिव ने नई आवास नीति तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें शहरीकरण की वर्तमान चुनौतियां, किफायती आवास, पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और सतत विकास को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। देहरादून-मसूरी विकास प्राधिकरण एवं एचआरडीए की लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। पीएमएवाई 1.0 की सभी परियोजनाओं को सितंबर 2026 तक पूरा करने और आवश्यक प्रक्रियाओं को 15 दिनों में पूर्ण करने हेतु औपचारिक पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।

ड्राफ्ट आरएफपी पर हुई चर्चा

बैठक में कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के ड्राफ्ट आरएफपी पर चर्चा हुई। सचिव ने इसे प्रमुख नगरों, तीर्थस्थलों और चारधाम क्षेत्रों में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़ें। सचिव ने आगामी बैठकों में पीएमयू टीम का परिचय, योजनाओं की प्रगति, ड्राफ्ट नीतियों की समीक्षा और प्राधिकरण से संबंधित सभी नियम, उपविधियाँ एवं नीतियों की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ये रहे शामिल

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की व्यापक सहभागिता रही, जिसमें संयुक्त मुख्य प्रशासक, विशेष सचिव आवास एवं शहरी विकास, निदेशक/उप सचिव, हाउसिंग विशेषज्ञ, संस्थागत सुधार विशेषज्ञ एवं आईटी/एमआईएस विशेषज्ञ शामिल थे।

बोले सचिव

सचिव डॉ. आर. राजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि आवास एवं शहरी विकास योजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितैषी तरीके से लागू किया जाए। सभी विकास कार्यों और नीतिगत सुधारों के माध्यम से राज्य में सतत और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

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