हरिद्वार क्षेत्र भगवान ऋषभदेव की तपस्थली, एक समवशरण की रचना होनी आवश्यक, हरिद्वार आगमन के दौरान योगगुरू बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में किया भव्य स्वागत

हरिद्वार। जैन धर्म की प्रख्यात साध्वी आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी हरिद्वार पहुंच चुकी है। उनका सत्संग जूर्स कंट्री में हुआ। आगमन के दौरान पूर्णमति माताजी का पतंजलि योगपीठ में योगगुरू बाबा रामदेव, महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने उनका भव्य स्वागत किया। बाबा रामदेव ने कहा कि साध्वी पूर्णमति के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
स्वागत के बाद वे जूर्स कंट्री में आयोजित सत्संग में पहुंची। उन्होंने कहा कि व्यक्ति सारा जीवन उन चीजों को इकट्ठा करता है जो निरर्थक हैं। साथ कुछ भी नहीं जाता है। केवल कर्मों को सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र भगवान ऋषभदेव की तपस्थली रही है परंतु अब उन स्मृतियों का कोई भी चिन्ह उपस्थित नहीं है। उन्होंने प्रेरणा दी कि यहां एक समवशरण की रचना होनी आवश्यक है।


पूर्णमति माताजी जैन धर्म की एक प्रख्यात साध्वी हैं, जो अपनी वात्सल्यमयी शैली, ज्ञान और मधुर प्रवचनों के लिए जानी जाती हैं। वे 5 से 12 मार्च के मध्य श्री प्रेमनगर आश्रम में एक भव्य भक्तामर विधान उनके पावन सानिध्य में आयोजित होगा। उन्होंने सभी को आह्वान करते हुए कहा कि सभी सौभाग्यशाली व्यक्ति इसमें अवश्य भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि इस पुण्य भूमि में आकर उनको एक सुखद अनुभूति हो रही है।
इस अवसर पर यूसी जैन सपरिवार, संदीप जैन एक्मस सपरिवार, बालेश जैन, निर्मल जैन, सतीश जैन, विजय जैन, संदीप जैन ओमेगा, रवि जैन, समर्थ जैन, पीयूष जैन, नितेश जैन, आदेश जैन, ओमकार जैन, विजय जैन ज्वालापुर आदि लोग उपस्थित रहे। सभा का संचालन अरविंद शास्त्री ने किया।

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