गौपूजन के साथ गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा लखनऊ रवाना

देहरादून/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में गौमाता को राज्यमाता घोषित करने और गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को काशी स्थित श्रीविद्यामठ से गौपूजन के साथ “गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा” की शुरुआत की। यात्रा के दौरान संत शंखनाद करते हुए आगे बढ़े।
गौपूजन के बाद शंकराचार्य ने चिंतामणि गणेश मंदिर में दर्शन-पूजन किया और फिर गौभक्तों के साथ संकटमोचन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान जी व श्रीराम दरबार के दर्शन कर हजारों भक्तों के साथ हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का सामूहिक पाठ किया। शनिवार होने के कारण मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का जयकारों के साथ स्वागत किया। मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान कर चुके हैं और मार्ग में विभिन्न स्थानों पर गौसभाएं भी करेंगे। वे 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर विजय मुहूर्त में गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।