भूकम्प, भूस्खलन व वनाग्नि से निपटने के लिए की व्यापक मॉक ड्रिल

रुद्रप्रयाग। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान भूकम्प, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना और वनाग्नि जैसी संभावित आपदाओं के परिदृश्य तैयार कर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, डीडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने समन्वय के साथ रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार और राहत कार्यों का प्रदर्शन किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ’’नंदन सिंह रजवार’’ ने बताया कि अभ्यास से आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
मॉक ड्रिल कर विभिन्न परिदृश्यों पर परखी तैयारियां
पौड़ी। जनपद में चार अलग-अलग स्थानों पर आपदा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास में नदी का जलस्तर बढ़ना, भूस्खलन, बस दुर्घटना और जंगल में आग जैसी घटनाओं के परिदृश्य तैयार कर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से पूरे अभियान की निगरानी की गई। विभिन्न विभागों की टीमों ने समन्वय के साथ रेस्क्यू, घायलों को उपचार और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल से वास्तविक आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।

अतिवृष्टि से चार स्थानों पर आपदा की स्थिति, त्वरित रेस्क्यू का अभ्यास
उत्तरकाशी। अतिवृष्टि की स्थिति में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए जनपद में चार अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर आईआरएस सिस्टम सक्रिय कर जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से अलर्ट जारी किया गया। डंडालगांव (बड़कोट) में भूस्खलन से 1600 यात्रियों के फंसने, पालीगाड़ में बस दुर्घटना, मनेरी बांध में रिसाव तथा सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव जैसी घटनाओं पर एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों ने त्वरित राहत-बचाव अभ्यास किया। सभी स्थानों पर समयबद्ध तरीके से रेस्क्यू पूरा किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक ड्रिल से विभागों के समन्वय और आपदा से निपटने की तैयारियों का प्रभावी परीक्षण हुआ।