पाठ्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान जरूरी, डीपीएस में फाउंडेशनल स्टेज पर हुई कार्यलाशा

हरिद्वार। सीबीएसई सीओई देहरादून संभागद्ध के तत्वावधान में, दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय ‘क्षमता निर्माण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 38 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग लिया तथा शिक्षकों को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ की परिकल्पना के अनुसार पाठ्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया। इस कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘फाऊंडेशनल स्टेज’ में 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए यह बहुस्तरीय गतिविधि आधारित शिक्षण के कई प्रभावी चरण है, अतः बच्चों की विकासशील क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करना अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यशाला के विषय विशेषज्ञों डॅा सीमा भूषण और अमिताभ गर्ग जिन्होंने शिक्षण कौशल के विकास और तकनीकों के क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया। इस कार्यशाला में शिक्षकों को ‘नई शिक्षा नीति’ और ‘एनसीएफ के सिद्धांतों’ से परिचित कराया गया तथा उन्हें पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किए गए।
कार्यशाला का मुख्य बिंदु ‘पंचकोशीय विकास’ पर आधारित था। पंचकोशीय विकास व्यक्ति के समग्र विकास को बढ़ावा देता है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक पहलू सम्मिलित होते हैं। यह व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और प्रतिभाओं को विकसित करने में मदद करता है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ अनुपम जग्गा ने सीबीएसई तथा विषय विशेषज्ञों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि समय-समय पर शिक्षकों की कार्य क्षमता एवं कौशल को प्रभावी बनाने के लिए सीबीएसई द्वारा, इस प्रकार के आयोजन अत्यंत सराहनीय हैं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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