हरिद्वार में इको-सेंसिटिव रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रशिक्षण का शुभारंभ

हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “इको-सेंसिटिव रिवरफ्रंट डेवलपमेंट” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के अधिकारियों ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर एनएमसीजी के उप महानिदेशक ने ऑनलाइन संबोधित करते हुए पर्यावरण अनुकूल रिवरफ्रंट विकास पर जोर दिया और आगामी कुम्भ मेले के दृष्टिगत इसकी महत्ता बताई। एनआईयूए के टीम लीड लवलेश शर्मा ने राज्य में रिवरफ्रंट विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध नदी प्रणाली इसे और महत्वपूर्ण बनाती है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी साझा की। यह प्रशिक्षण राज्य में सतत एवं पर्यावरण अनुकूल नदी तट विकास को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।