जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर जनपद के स्कूलों एवं कॉलेजों में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए, इसके लिए अभिभावकों के साथ संवाद और नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया गया।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रों को मानक और पोषणयुक्त भोजन ही उपलब्ध कराया जाए। सभी स्कूलों में किचन गार्डेन तैयार कर हरी सब्जियों को भोजन में शामिल किया जाए। जिन विद्यालयों में एलपीजी गैस की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए जिला पूर्ति अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यवाही करेंगे। जिलाधिकारी ने जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों को मानसून से पूर्व दूरस्त करने, भूमि विवाद वाले मामलों की जांच और आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। समग्र शिक्षा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी कड़ी निगरानी रखने और एनजीओ के कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी और जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अमित कुमार चन्द ने पीपीटी के माध्यम से योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। सभी खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय प्रधानाध्यापक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।