भगवान राम का जन्म होते ही झूम उठे अयोध्यावासी
हरिद्वार। सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर 1, भेल रानीपुर में लगातार चल रही 57वीं श्री राम जानकी कथा का तृतीय दिवस अत्यंत श्रद्धा और भावाभिव्यक्ति के साथ संपन्न हुआ। आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी महाराज ने भक्तों को भगवान श्री राम के जन्मोत्सव और राम जन्म की पावन कथा सुनाई।
कथा में बताया गया कि भगवान का जन्म केवल अधर्म नाश के लिए नहीं, बल्कि भक्तों के दर्शन, साधु महात्माओं के यज्ञ और मर्यादा की शिक्षा देने के लिए हुआ। राजा दशरथ के आंगन में चार पुत्रों का जन्म हुआ और अयोध्या नगर आनंद और उल्लास से भर गई। कथा व्यास जी ने राम नवमी के महत्व और भगवान राम के नाम के मंगल प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। कथा में मंदिर सचिव ब्रिजेश कुमार शर्मा, मुख्य यजमान और कई श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा का लाभ लिया और जन्मोत्सव की धूमधाम में भाग लिया।